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जेल में बनी दोस्ती, बाहर बन गया बाइक चोर गैंग : रांची पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा

नामकुम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, बिहार-झारखंड से जुड़े 7 शातिर अपराधी गिरफ्तार


रांची, संवाददाता।
राजधानी रांची में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच रांची पुलिस ने एक बड़े संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर सनसनी फैला दी है। नामकुम थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इनके कब्जे से चोरी की 12 मोटरसाइकिल, कटे हुए इंजन, फर्जी नंबर प्लेट और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सरगनाओं की दोस्ती जेल में हुई थी और वहीं से संगठित अपराध का पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था।

पुलिस के अनुसार गिरोह राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में लगने वाले हाट-बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों से बाइक चोरी कर उन्हें फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दूसरे जिलों में बेचता था। कई मोटरसाइकिलों के इंजन और पार्ट्स काटकर अलग-अलग भी बेचे जाते थे ताकि वाहन की पहचान पूरी तरह खत्म हो जाए।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 18 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे नामकुम पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चोरी की एक नीले रंग की अपाची मोटरसाइकिल से एक युवक रामपुर की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम गठित की गई।

वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय प्रथम श्री अमर कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सिदरौल जोड़ा मंदिर के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध अपाची बाइक संख्या JH01EM-3762 के साथ युवक को रोका गया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह बताया।

पूछताछ में खुला पूरे गिरोह का राज

पुलिस की सख्ती के बाद अभय सिंह टूट गया और उसने कई बड़े खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि पकड़ी गई बाइक चोरी की है और उसका नंबर प्लेट बदलकर बेचने के लिए बेड़ो ले जाया जा रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले भी कई बार बाइक चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

जेल के दौरान उसकी मुलाकात वसीम ओहदार उर्फ वसीम आलम से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर एक संगठित बाइक चोर गिरोह तैयार किया। बाद में दानिस आलम, मोईन खान, सरीफ खान, नसीम अंसारी और तौहिर अंसारी को भी इस नेटवर्क में शामिल किया गया।

गिरोह का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी पहले भीड़भाड़ वाले बाजारों और हाटों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर ली जाती थी। इसके बाद असली नंबर प्लेट हटाकर नकली नंबर लगाया जाता था और बाइक को दूसरे इलाकों में बेच दिया जाता था। कई वाहनों के इंजन तक काट दिए जाते थे ताकि पहचान मिटाई जा सके।

निशानदेही पर बरामद हुईं 12 बाइक

गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर कुल 12 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद वाहनों में टीवीएस अपाची, हीरो स्प्लेंडर, होंडा साइन, बजाज पल्सर और पैशन प्रो जैसी बाइक शामिल हैं। पुलिस ने दो इंजन, कटे हुए वाहन पार्ट्स तथा छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई मोटरसाइकिलों के नंबर प्लेट बदले जा चुके थे जबकि कुछ के इंजन खोल दिए गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी बाइक चोरी की और किन-किन जिलों में इन्हें बेचा गया।

बिहार से झारखंड तक फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क केवल रांची तक सीमित नहीं था। मुख्य आरोपी अभय सिंह बिहार के सारण जिले का रहने वाला है, जबकि अन्य आरोपी रांची और खूंटी के विभिन्न इलाकों से जुड़े हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह चोरी की बाइक बिहार समेत दूसरे राज्यों तक भी पहुंचाता था।

मुख्य आरोपियों पर पहले से कई मामले दर्ज

गिरफ्तार अभय सिंह और वसीम ओहदार दोनों पुराने अपराधी हैं। इनके खिलाफ रांची के कई थानों में पहले से बाइक चोरी, जालसाजी, फर्जी नंबर प्लेट बनाने और चोरी के वाहन खरीदने-बेचने के मामले दर्ज हैं।

अभय सिंह के खिलाफ नामकुम, लालपुर, चुटिया, पिठौरिया और बरियातू थाना में कई कांड दर्ज हैं। वहीं वसीम ओहदार पर कोतवाली, डोरंडा, लापुंग, जीआरपी रांची, नामकुम और लालपुर थाना में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों लंबे समय से वाहन चोरी के संगठित नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

गिरफ्तार अपराधियों के नाम

पुलिस ने जिन सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है उनमें अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह, वसीम ओहदार उर्फ वसीम आलम, दानिस आलम, सरीफ खान, नसीम अंसारी, तौहिर अंसारी और मोईन खान शामिल हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही कार्रवाई

राजधानी में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच इस कार्रवाई को रांची पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की बाइक खरीदने वाले लोगों की भी तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

जेल में बनी दोस्ती, बाहर बन गया बाइक चोर गैंग : रांची पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा जेल में बनी दोस्ती, बाहर बन गया बाइक चोर गैंग : रांची पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा Reviewed by PSA Live News on 7:29:00 pm Rating: 5

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