ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी, रांची में लघु उद्योग और JSLPS योजनाओं की हुई बड़ी समीक्षा बैठक
“मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान पर विशेष जोर, अंडा उत्पादन से लेकर महिला उद्यमिता तक की हुई गहन समीक्षा
रांची। उपयुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में रांची समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए सभागार में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा संचालित योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष चर्चा हुई।
बैठक में प्रभारी विकास आयुक्त रांची संजय भगत, प्रभारी DPM JSLPS रांची अभिषेक चाँद, विभिन्न डोमेन प्रबंधक, जिले के 18 प्रखंडों के BPMs तथा मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल लाभ वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर गांवों में रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं और स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों तथा महिला समूहों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमिता पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की विभिन्न योजनाओं जैसे SFURTI योजना, कौशल विकास प्रशिक्षण, विपणन सहायता, तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने राज्यभर में क्लस्टर आधारित विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।
JSLPS और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत महिलाओं और वंचित वर्गों को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में चल रहे प्रयासों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।
“मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” अभियान की विशेष समीक्षा
बैठक में “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। उपायुक्त ने प्रतिदिन अंडा उत्पादन से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि लाभुक महिलाएं केवल एक योजना तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बहुआयामी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाए।
इस दौरान फूलो-झानो आशीर्वाद योजना की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना से बाहर हुए लाभुकों का अद्यतन डेटा तैयार किया जाए और उन्हें पुनः जोड़ने की रणनीति बनाई जाए। SHGs की प्रभावी मैपिंग पर भी जोर दिया गया।
FPO और मुद्रा लोन लाभुकों पर विशेष पहल
बैठक में Farmer Producer Organizations (FPOs) की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने FPO पदाधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित करने की इच्छा जताई। इसके लिए पदाधिकारियों की सूची, उनकी भूमिकाओं तथा व्यवसायिक गतिविधियों की विस्तृत प्रस्तुति तैयार करने का निर्देश दिया गया।
वहीं वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 मुद्रा लोन लाभुकों की पहचान कर उनके साथ विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। साइबर फ्रॉड की निगरानी और क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
“दीदी आजीविका कैफे” खोलने की तैयारी
ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए DC Office B Block और सदर अस्पताल परिसर में “दीदी आजीविका कैफे” खोलने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों को संभावित स्थलों का सत्यापन कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रमों और JSLPS की गतिविधियों के प्रचार-प्रसार के लिए नियमित प्रेस विज्ञप्ति जारी करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम लोगों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
तीन माह बाद फिर होगी समीक्षा
बैठक के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि JSLPS के साथ बेहतर समन्वय ग्रामीण आजीविका में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाएगा। सभी विभागों को मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया तथा आगामी तीन माह बाद योजनाओं की उपलब्धियों और लक्ष्यों की फिर से समीक्षा की जाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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7:07:00 pm
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