सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: एनटीए से जुड़ा केमिस्ट्री शिक्षक दबोचा गया, देशभर में छापेमारी तेज, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
नई दिल्ली/पुणे/लातूर : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महाराष्ट्र के लातूर का निवासी बताया जा रहा है और पुणे में केमिस्ट्री शिक्षक के रूप में कार्यरत था। जांच एजेंसी के अनुसार कुलकर्णी का संबंध राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ था, जिसके कारण उसे प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी।
सीबीआई का दावा है कि आरोपी ने इस पहुंच का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराए। एजेंसी के मुताबिक, पुणे में संचालित विशेष कोचिंग क्लासेस के माध्यम से छात्रों को लीक हुए प्रश्नों की तैयारी कराई गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों को “गेस पेपर” और “विशेष मॉक टेस्ट” के नाम पर वही प्रश्न पढ़ाए गए, जो बाद में वास्तविक परीक्षा में पूछे गए।
देशभर में छापेमारी, इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त
सीबीआई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और अन्य राज्यों में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ और किन-किन लोगों तक पहुंचा।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार अब तक इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी का मानना है कि यह केवल कुछ व्यक्तियों का अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है जिसमें कोचिंग संस्थान, बिचौलिए, तकनीकी विशेषज्ञ और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोग शामिल हो सकते हैं।
लातूर बना जांच का केंद्र
महाराष्ट्र का लातूर जिला इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए देशभर में प्रसिद्ध कोचिंग हब माना जाता है। यहां हर साल हजारों छात्र नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब एक छात्र के अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई कि एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न वास्तविक NEET-UG परीक्षा से मेल खाते थे। इस शिकायत के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी और पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने लातूर के एक कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक को भी हिरासत में लिया है। हालांकि एजेंसी ने अभी उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इससे पहले स्थानीय पुलिस कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों, काउंसलरों और छात्रों समेत छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश
पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और ईमानदार तैयारी पर इस प्रकार की घटनाएं पानी फेर देती हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा संचालन तक पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणाली से जोड़ा जाए।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पूरे विवाद के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है। एजेंसी ने नई तारीख घोषित करते हुए बताया कि अब देशभर में परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द करना पड़ा।
एनटीए ने दावा किया है कि नई परीक्षा में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल निगरानी और प्रश्नपत्रों की मल्टी-लेयर सुरक्षा लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता दोबारा न हो सके।
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
NEET-UG पेपर लीक प्रकरण ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली और कोचिंग संस्कृति पर गंभीर बहस छेड़ दी है। करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में हुई कथित धांधली ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी संवेदनशील परीक्षाओं की गोपनीयता बार-बार कैसे भंग हो रही है।
अब पूरे देश की नजर सीबीआई जांच पर टिकी हुई है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट का दायरा कितना बड़ा है और क्या इसमें परीक्षा एजेंसियों के भीतर बैठे कुछ लोगों की भी मिलीभगत थी। यदि जांच में बड़े खुलासे होते हैं, तो आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।
Reviewed by PSA Live News
on
7:00:00 am
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: