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आयुष्मान योजना बनी नवजात के लिए जीवनरक्षक, गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिशु का निःशुल्क सफल इलाज

समय पर मिला उपचार, आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को मिली बड़ी राहत


मधुबनी, 10 जून 2026। 
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) एक बार फिर जीवनरक्षक साबित हुई है। मधुबनी जिले की रहने वाली 23 वर्षीय चंदा कुमारी के नवजात शिशु को जन्म के बाद गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत समय पर और पूरी तरह कैशलेस उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। कई दिनों तक चले विशेष उपचार के बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चंदा कुमारी का प्रसव निर्धारित समय से पहले हो गया था। जन्म के कुछ ही समय बाद नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे को सांस लेने में परेशानी सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो गईं, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को चिंताजनक बताते हुए तत्काल विशेष चिकित्सा सुविधा और निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई। नवजात को उन्नत चिकित्सा देखभाल की जरूरत थी, जिसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सहायता आवश्यक थी।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगे इलाज का खर्च वहन करना उनके लिए लगभग असंभव था। गर्भावस्था के दौरान जांच, दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सीय सेवाओं पर पहले ही काफी धनराशि खर्च हो चुकी थी। ऐसे में नवजात की गंभीर स्थिति ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी। परिवार को यह समझ नहीं आ रहा था कि बच्चे का उपचार कैसे कराया जाएगा और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था कैसे होगी।

इसी कठिन परिस्थिति में आयुष्मान भारत योजना परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। योजना के तहत सूचीबद्ध एक निजी अस्पताल में नवजात को भर्ती कराया गया, जहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लगभग एक लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा पूरी तरह कैशलेस उपलब्ध कराई गई। इससे परिवार को इलाज के लिए किसी प्रकार की आर्थिक व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और वे पूरी तरह बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर सके।

अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने नवजात का गहन उपचार किया। लगातार निगरानी, आवश्यक दवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के सहयोग से बच्चे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। चिकित्सकों की मेहनत और समय पर उपलब्ध उपचार के परिणामस्वरूप कुछ दिनों बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ हो गया। स्वास्थ्य लाभ के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। घर लौटने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और बच्चे के स्वस्थ होने पर खुशी व्यक्त की।

नवजात की मां चंदा कुमारी ने कहा कि यदि आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता तो उनके लिए बच्चे का इलाज कराना संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि परिवार पहले से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था और इतने बड़े उपचार का खर्च उठाना उनके सामर्थ्य से बाहर था। उन्होंने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया है।

जिला आयुष्मान समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से लाखों लाभार्थियों को गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायता मिल रही है और कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे, यही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि पात्र परिवार अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं और आवश्यकता पड़ने पर सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना का लाभ लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जिले में लगातार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा अनेक गंभीर रोगों के उपचार में यह योजना गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि समय पर चिकित्सा सुविधा और प्रभावी सरकारी योजनाएं न केवल आर्थिक बोझ कम करती हैं, बल्कि कई बार किसी परिवार के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर भी बन जाती हैं। आयुष्मान भारत योजना आज ऐसे हजारों परिवारों के लिए आशा, सुरक्षा और जीवन का आधार बनकर उभर रही है।

आयुष्मान योजना बनी नवजात के लिए जीवनरक्षक, गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिशु का निःशुल्क सफल इलाज आयुष्मान योजना बनी नवजात के लिए जीवनरक्षक, गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिशु का निःशुल्क सफल इलाज Reviewed by PSA Live News on 4:03:00 pm Rating: 5

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