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पंचायत विकास दिवस: अब हर महीने पंचायतों में होगी विकास कार्यों की खुली समीक्षा, जनता के सामने पेश होगा हिसाब-किताब

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, PSA Live News


पटना, 27 जून 2026।
बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायतों की जवाबदेही को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को "पंचायत विकास दिवस" आयोजित करने का निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के कुशल मार्गदर्शन में पंचायत राज विभाग द्वारा शुरू की गई यह पहल गांवों के विकास कार्यों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

28 जून 2026 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के तहत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों और आम नागरिकों की उपस्थिति में विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना, जनता की समस्याओं को सुनना तथा विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सामूहिक निर्णय लेना है।

ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों की होगी सक्रिय भागीदारी

पंचायत विकास दिवस में मुखिया, उपमुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, जीविका समूहों के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता तथा ग्रामीण नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि जब पंचायत के सभी निर्वाचित प्रतिनिधि और ग्रामीण एक मंच पर बैठकर विकास योजनाओं पर चर्चा करेंगे, तब योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इससे पंचायतों में लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

विकास योजनाओं की होगी विस्तृत समीक्षा

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत में संचालित सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इनमें सड़क निर्माण, नाली-गली योजना, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा।

पंचायत स्तर पर यह भी देखा जाएगा कि स्वीकृत योजनाओं में कितना कार्य पूरा हुआ है, किन योजनाओं में देरी हो रही है और किन कारणों से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। समीक्षा के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।

जनता के सामने रखा जाएगा आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा

पंचायत विकास दिवस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में पंचायत को प्राप्त राशि, खर्च की गई राशि तथा अवशेष राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस व्यवस्था से ग्रामीणों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उनकी पंचायत को कितनी राशि प्राप्त हुई, उसका उपयोग किन कार्यों में किया गया और भविष्य के लिए कितनी राशि उपलब्ध है। इससे पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा अनियमितताओं की संभावना कम होगी।

आगामी विकास योजनाओं पर बनेगी कार्ययोजना

कार्यक्रम में केवल पुराने कार्यों की समीक्षा ही नहीं होगी बल्कि आने वाले समय के विकास कार्यों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों की आवश्यकताओं के आधार पर नई योजनाओं का चयन किया जाएगा और पंचायत के विकास के लिए प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पंचायत स्तर पर विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

इस माह का विशेष विषय: महिला हितैषी ग्राम पंचायत

पंचायत विकास दिवस के पहले आयोजन का विशेष विषय "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रखा गया है। इस विषय के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सशक्तिकरण और पंचायतों में उनकी भागीदारी पर विशेष चर्चा होगी।

महिला स्वयं सहायता समूहों, जीविका दीदियों और महिला जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य पंचायतों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित, समावेशी और अवसर प्रदान करने वाला बनाना है।

उत्कृष्ट पंचायतों के कार्यों से मिलेगा सीखने का अवसर

कार्यक्रम में राज्य की उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे अन्य पंचायतों को बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी और सफल मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी पंचायतों के अनुभवों को साझा करने से विकास की गति तेज होगी और प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार होगा।

"मन की बात" का होगा सीधा प्रसारण

पंचायत विकास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का भी सीधा प्रसारण किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को राष्ट्रीय स्तर की प्रेरणादायक पहलों और विकास संबंधी विचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

गांवों में सुशासन की नई शुरुआत

पंचायत राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायत विकास दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि ग्राम स्वराज और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अभियान है। इससे पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा तथा विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पहल का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया तो बिहार की पंचायतें केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं रहेंगी, बल्कि ग्रामीण विकास की वास्तविक प्रयोगशाला बनकर उभरेंगी। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल गांवों को आत्मनिर्भर, जवाबदेह और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।


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