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पांच लाख की अनुदान राशि के लिए मांगी गई रिश्वत, रामगढ़ की प्रोबेशन ऑफिसर और कंप्यूटर ऑपरेटर एसीबी के ट्रैप में गिरफ्तार

एसीबी हजारीबाग की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप, सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल


संवाददाता : अरुण कुमार झा।
रामगढ़/हजारीबाग, 16 जून 2026। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की ट्रैप टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में पदस्थापित प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी तथा उनके निर्देश पर रिश्वत लेने वाले कार्यालयकर्मी सुजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद रामगढ़ जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

मामले की शुरुआत रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़की पोना गांव निवासी त्रिदेव कुमार (27 वर्ष) की शिकायत से हुई। त्रिदेव कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उनके परिवार को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त होनी है। अनुदान राशि में वृद्धि और सत्यापन प्रतिवेदन भेजने के लिए उन्होंने रामगढ़ की प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी से संपर्क किया।

आवेदक के अनुसार, प्रोबेशन ऑफिसर ने उन्हें अपने कार्यालय में कार्यरत कर्मी सुजीत से मिलने को कहा। जब त्रिदेव कुमार ने सुजीत से संपर्क किया तो उनसे सत्यापन प्रतिवेदन भेजने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट कर दिया कि वह रिश्वत नहीं देना चाहते और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी हजारीबाग ने मामले का तकनीकी सत्यापन कराया। सत्यापनकर्ता ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों की सहायता से पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान यह आरोप सत्य पाया गया कि प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी ने ही आवेदक से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी और अपने निर्देश पर कार्यालय में कार्यरत कर्मी के माध्यम से राशि प्राप्त करने की व्यवस्था की गई थी।

सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना, हजारीबाग में कांड संख्या 05/2026, दिनांक 15 जून 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की विस्तृत योजना तैयार की।

मंगलवार, 16 जून 2026 को हजारीबाग में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तथा दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की उपस्थिति में एसीबी की विशेष ट्रैप टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता त्रिदेव कुमार को चिह्नित नोट उपलब्ध कराए गए। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि का भुगतान किया, एसीबी टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सुजीत पासवान को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुजीत पासवान, पिता- बलराम पासवान, निवासी आछोडीह, पोस्ट- हरिगांवा, थाना- मंझीआंव, जिला- गढ़वा के रूप में हुई है। वह गृह रक्षक के रूप में कार्यरत था और वर्तमान में जिला प्रोबेशन कार्यालय, रामगढ़ में प्रतिनियुक्त था।

सुजीत पासवान की गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त सिमरन कुमारी (उम्र 31 वर्ष), पति- सुमित कुमार, निवासी बंशीलाल चौक, थाना बड़ा बाजार ओपी, जिला हजारीबाग, वर्तमान पदस्थापन- प्रोबेशन ऑफिसर, रामगढ़ को भी विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से इस प्रकार अवैध वसूली का कोई संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।

यह कार्रवाई एक बार फिर इस कटु सच्चाई को सामने लाती है कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बनाई गई सरकारी योजनाएं भी भ्रष्टाचारियों की गिरफ्त में पहुंच जाती हैं। जिन अधिकारियों पर लोगों को न्याय और सहायता दिलाने की जिम्मेदारी होती है, यदि वही रिश्वतखोरी में लिप्त पाए जाएं तो आम जनता का विश्वास सरकारी व्यवस्था से उठने लगता है।

हालांकि एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि यदि पीड़ित नागरिक साहस दिखाकर शिकायत दर्ज कराएं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं की पहचान की सुरक्षा, त्वरित जांच और दोषियों को कठोर दंड ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

जनहित में अपील :
यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में आपसे कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाती है, तो चुप न रहें। संबंधित साक्ष्य के साथ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अथवा सक्षम प्राधिकारी से शिकायत करें। आपकी एक शिकायत न केवल आपको न्याय दिला सकती है, बल्कि व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो सकती है।

पांच लाख की अनुदान राशि के लिए मांगी गई रिश्वत, रामगढ़ की प्रोबेशन ऑफिसर और कंप्यूटर ऑपरेटर एसीबी के ट्रैप में गिरफ्तार पांच लाख की अनुदान राशि के लिए मांगी गई रिश्वत, रामगढ़ की प्रोबेशन ऑफिसर और कंप्यूटर ऑपरेटर एसीबी के ट्रैप में गिरफ्तार Reviewed by PSA Live News on 7:06:00 pm Rating: 5

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