दादी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, 40वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर गिरधारी लाल सर्राफ दंपति का हुआ अभिनंदन
रांची। श्री धोली सती दादी महिला समिति के तत्वावधान में पिस्का मोड़ स्थित काजू बागान के वेस्टइन्ड रेजिडेंसी परिसर में गिरधारी लाल सर्राफ के आवास पर आयोजित श्री धोली सती दादी जी का भव्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। दादी के जयकारों, मंगल पाठ और भक्ति रस से ओत-प्रोत भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री धोली सती दादी जी के दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। सुसज्जित दरबार में विराजमान दादी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से दादी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।
इसके पश्चात आयोजित मंगल पाठ एवं भजन संध्या ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। प्रसिद्ध भजन गायक मनीष सोनी एवं गायिका मिनी कुमारी ने अपनी मधुर, भावपूर्ण और मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने दादी के लोकप्रिय भजन “दादी तेरे दरबार में खुशियों की बहार है”, “आओ दादी रानी मेरे घर आओ”, “जय जय धोली दादी, जय जय सती दादी” तथा “मेरी दादी का दरबार बड़ा निराला है” जैसे भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे। कई श्रद्धालु भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए दादी के जयकारे लगाते नजर आए।
भजन संध्या के दौरान पूरा परिसर “जय धोली सती दादी” और “दादी रानी की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में दादी का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन में महिलाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण गिरधारी लाल सर्राफ एवं शशि सर्राफ की 40वीं वैवाहिक वर्षगांठ का उत्सव भी रहा। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं, समिति की महिलाओं एवं अतिथियों ने दोनों का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया तथा उनके स्वस्थ, सुखमय और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। उपस्थित लोगों ने उनके वैवाहिक जीवन को पारिवारिक मूल्यों, प्रेम, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
भजन संध्या के उपरांत सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने श्री धोली सती दादी से समाज में सुख, शांति, समृद्धि, पारिवारिक एकता तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की।
इसके बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही श्रद्धालुओं ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में प्रेम, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक संबंध भी मजबूत होते हैं।
पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन दादी के जयघोष, मंगलकामनाओं और प्रसाद वितरण के साथ अत्यंत भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ।
इस अवसर पर श्री धोली सती दादी महिला समिति की सदस्याओं, समाज के गणमान्य व्यक्तियों, श्रद्धालुओं एवं परिवार के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
यह जानकारी श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
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8:04:00 pm
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