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NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा

34 जिलों के 331 परीक्षा केंद्रों पर 1.56 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल, कदाचार रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था


पटना, संवाददाता।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह कदाचार-मुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में पटना स्थित मुख्य सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में परीक्षा संचालन से जुड़े प्रशासनिक, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि आगामी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET (UG) पुनर्परीक्षा के लिए राज्य के 34 जिलों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 1.56 लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। सरकार का लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाना है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता, पेपर लीक अथवा कदाचार की संभावना समाप्त की जा सके।

प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रश्न-पत्रों के परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया को अत्यंत सुरक्षित बनाया जाए। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। प्रश्न-पत्रों को हवाई मार्ग से संबंधित जिलों तक पहुंचाने तथा वहां से परीक्षा केंद्रों तक कड़ी निगरानी में ले जाने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक चरण की जवाबदेही तय की जाएगी।

सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर

बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों, फर्जी प्रश्न-पत्रों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस मुख्यालय और साइबर सेल को निर्देश दिया गया कि फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जाए।

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि परीक्षा से पहले या परीक्षा के दौरान यदि कोई व्यक्ति प्रश्न-पत्र लीक, फर्जी उत्तर-पुस्तिका, कदाचार या परीक्षा से संबंधित भ्रामक सामग्री प्रसारित करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संदिग्ध कोचिंग संस्थानों पर विशेष निगरानी

पिछले वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों को देखते हुए बैठक में संदिग्ध गतिविधियों वाले कोचिंग संस्थानों और दलालों पर विशेष नजर रखने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस को ऐसे संस्थानों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा आवश्यक होने पर छापेमारी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को कहा गया कि परीक्षा से जुड़े किसी भी संदिग्ध नेटवर्क, बिचौलियों या संगठित गिरोह की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 के तहत आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किए जा सकते हैं ताकि बाहरी हस्तक्षेप और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

परीक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर, सघन जांच और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं

राज्य सरकार ने परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की घोषणा की है। बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर गर्मी और उमस को देखते हुए पेयजल, ORS, प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दिए गए विशेष निर्देश

मुख्य सचिव और डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही, कदाचार या सुरक्षा में चूक के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सभी जिलों को परीक्षा पूर्व मॉक ड्रिल, सुरक्षा समीक्षा तथा संवेदनशील केंद्रों की पहचान कर विशेष निगरानी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

सरकार की प्राथमिकता: निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा

बैठक के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं डीजीपी विनय कुमार ने भरोसा दिलाया कि बिहार पुलिस परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और कदाचार-मुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्क और तैयार है।

NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा से स्पष्ट है कि इस बार सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। 

NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा Reviewed by PSA Live News on 10:11:00 am Rating: 5

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