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प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में रोहतक में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव

हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने निकाला आक्रोश मार्च, कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ लगाए नारे; प्रदेश अध्यक्ष ने लोकतंत्र, सुरक्षा और पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर साधा निशाना


हरियाणा/हिसार (राजेश सलूजा)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को हरियाणा के रोहतक में व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सुभाष चौक पर एकत्रित हुए और वहां से अंबेडकर चौक होते हुए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। पूरे मार्च के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "कांग्रेस मुर्दाबाद", "राहुल गांधी मुर्दाबाद", "अराजकता और टकराव की राजनीति नहीं चलेगी", "विदेश में भारत का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान", "लोकतंत्र को बंधक बनाना बंद करो" तथा "कांग्रेस का हाथ अराजकता के साथ" जैसे नारे लगाए। पूरे मार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध दर्ज कराया।

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा किया गया प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को चुनौती देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस लगातार इस मर्यादा को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब देश में नीट परीक्षा को लेकर चर्चा चल रही थी, तब राहुल गांधी विदेश में अवकाश मना रहे थे और संसद सत्र शुरू होने के बाद अचानक सक्रिय होकर राजनीतिक प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गंभीर मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक टकराव और प्रचार की राजनीति कर रही है।

पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से पहले अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का काम किया है। उनके अनुसार आज देश का विद्यार्थी सरकार की नीतियों पर विश्वास व्यक्त कर रहा है और अपनी शिक्षा को लेकर आश्वस्त है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को "मौसमी नेता" बताते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक अवसर आने पर ही सक्रिय दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को गुमराह कर उन्हें राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाना चाहते हैं, जबकि देश का युवा विकास, सुशासन, पारदर्शिता और राष्ट्रहित की राजनीति को प्राथमिकता दे रहा है।

अपने संबोधन में डॉ. अर्चना गुप्ता ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का भी उल्लेख किया और कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी नेताओं को जेल भेजा, नागरिक अधिकारों को सीमित किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अंकुश लगाया। उन्होंने राहुल गांधी से इतिहास से सीख लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि भाजपा हर मुद्दे पर संसद के भीतर चर्चा के लिए तैयार रहती है, लेकिन कांग्रेस तथ्यों और तर्कों के बजाय हंगामे और व्यवधान की राजनीति में विश्वास करती है। संसद जनता के कर के पैसे से संचालित होती है और वहां जनहित से जुड़े कानून बनाए जाते हैं, इसलिए संसद की कार्यवाही को बाधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस इस प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में कांग्रेस का जनाधार और कमजोर होगा।

कांग्रेस कार्यालय के बाहर आयोजित धरने को पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, प्रदेश सचिव रेनू डाबला सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग, राजनीतिक अराजकता फैलाने और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव विपिन लोहिया, रोहतक जिला प्रभारी एडवोकेट विजयपाल, जिला अध्यक्ष रणवीर ढाका, झज्जर जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जींद जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढुल, गोहाना जिला अध्यक्ष बिजेंद्र मलिक, रेवाड़ी जिला अध्यक्ष वंदना पोपली, भाजपा नेता नागेंद्र शर्मा, नरेंद्र वत्स, डॉ. दिनेश घीलौड़, मुकेश गौड़, जिला परिषद चेयरमैन मंजू हुड्डा, जिला महामंत्री नितिन जैन, जिला उपाध्यक्ष नवीन ढुल, पूर्व चेयरमैन प्रतिभा सुमन, जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज, हरिओम मित्तल भाली, जिला कोषाध्यक्ष अमित बंसल, जिला उपाध्यक्ष पवन शर्मा, मंडल अध्यक्ष तनुज खुराना, मोनू संदूजा, मंडल महामंत्री रोशन घनघस, अमित नैन दनोदा, राजेश पूनिया, मनबीर पूनिया, सतीश गिल, मनोनीत पार्षद पंकज बादल, पल्लवेश गुंदली, मोहित काठपाल सहित विभिन्न जिलों, मंडलों और ब्लॉकों के हजारों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा ने इस प्रदर्शन को कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध बताया, जबकि प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर भाजपा किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में रोहतक में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में रोहतक में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव Reviewed by PSA Live News on 3:48:00 pm Rating: 5

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