विशेष वैदिक अनुष्ठान, महाआरती और पितृ शांति पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
रांची, 14 जुलाई। भौमवती अमावस्या के पावन अवसर पर रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्री तिरुपति बालाजी) में मंगलवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक पूजा-अर्चना एवं महाआरती का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान श्री वेंकटेश्वर के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, ग्रह शांति, पितृ तृप्ति एवं जीवन में मंगलमय भविष्य की कामना की।
भौमवती अमावस्या को सनातन धर्म में स्नान, दान, जप, तप एवं पितृ तर्पण के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसी धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मंदिर में प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना का शुभारंभ हुआ। मंदिर के अर्चकों ने प्रातः 6 बजे पारब्रह्म परमेश्वर, अखिल विश्व के स्वामी भगवान श्री श्रीनिवास के विश्वरूप दर्शन, सुप्रभातम्, मंगलाशासनम् एवं करावलंबम् जैसे दिव्य अनुष्ठानों का संपादन किया। इसके पश्चात पाञ्चरात्र आगम शास्त्र की विधि के अनुसार तिरूवाराधन संपन्न कराया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधानों के बीच भगवान का अभिषेक, अलंकरण एवं विशेष पूजा संपन्न हुई। महाआरती के उपरांत भगवान को पायसान्न (खीर) का बालभोग अर्पित किया गया। इस दौरान श्रुति, उपनिषद एवं देशिक स्तोत्रों के प्रमुख मंत्रों, ऋचाओं और स्तुतियों का सामूहिक पाठ कर भगवान श्री वेंकटेश्वर का गुणगान किया गया। पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्ति संगीत से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।
श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से भौमवती अमावस्या के अवसर पर भगवान वेंकटेश्वर के समक्ष ग्रह दोषों की शांति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। अनेक श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर दान-पुण्य एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया।
मंदिर के अर्चक श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास ने संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों को वैदिक परंपरा एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भौमवती अमावस्या के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर भगवान श्री वेंकटेश्वर के लिए दिनभर के भोग का निवेदन श्री लोकेशा-अगस्त्या कौशिक की ओर से किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रसाद का लाभ प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नारसरिया, राजू चौधरी, राजेश सुल्तानिया, रंजन सिंह, सुशील लोहिया, ओमप्रकाश गाड़ोदिया, सुशील गाड़ोदिया, ललित पोद्दार, शंभूनाथ पोद्दार, प्रभास मित्तल सहित मंदिर से जुड़े अनेक श्रद्धालुओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग दिया।
दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान श्री वेंकटेश्वर के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और महाआरती के बीच संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा, आस्था और सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक दिव्य अवसर बताते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में धार्मिक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
Reviewed by PSA Live News
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10:18:00 am
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