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पत्रकार सुरक्षा, आचार-संहिता और संगठन की मजबूती पर मंथन — जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल बैठक में उठे अहम मुद्दे


नई दिल्ली।
पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों, पत्रकार सुरक्षा, पेशेवर मानकों तथा संगठनात्मक दायित्वों को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, असम सहित देश के विभिन्न राज्यों से संगठन के 100 से अधिक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लेकर अपने विचार रखे।

बैठक का उद्देश्य पत्रकारों के सामने उत्पन्न हो रही व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा करने के साथ-साथ पत्रकार हितों की रक्षा के लिए संगठन की आगामी भूमिका और रणनीति पर विचार करना था।

असम की प्राकृतिक आपदा पर जताई चिंता

बैठक का शुभारंभ संगठन के अति वरिष्ठ पदाधिकारी एवं पूर्व न्यायाधीश श्री विकास कुमार के संबोधन से हुआ। उन्होंने असम में प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र राहत, पुनर्वास और सामान्य जनजीवन की बहाली की कामना की।

बिहार के पत्रकारों ने उठाया सुरक्षा और दबाव का मुद्दा

बैठक में बिहार से जुड़े पदाधिकारियों ने समाचार संकलन और रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में पत्रकारों को शासन-प्रशासन, प्रभावशाली लोगों, माफिया तंत्र तथा स्थानीय अराजक तत्वों के दबाव का सामना करना पड़ता है।

पदाधिकारियों का कहना था कि दबाव, धमकी, उत्पीड़न और व्यक्तिगत सुरक्षा का जोखिम पत्रकारों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकता है। ऐसी परिस्थितियों में जनहित से जुड़े मुद्दों को निर्भीकता से उठाना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं ठोस व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने पत्रकारों की सुरक्षा को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि देश में पत्रकारों के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। यदि समाचार संकलन अथवा जनहित के मुद्दों को सामने लाने के दौरान पत्रकार स्वयं असुरक्षित महसूस करें, तो इसका सीधा प्रभाव स्वतंत्र पत्रकारिता पर पड़ सकता है।

डॉ. सक्सेना ने पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना जैसी स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि पत्रकार और उनके परिवार स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों में बेहतर सुरक्षा प्राप्त कर सकें।

सिद्धांत आधारित पत्रकारिता को मजबूत करने पर जोर

बैठक में अति वरिष्ठ पत्रकार नीरज श्रीवास्तव ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। विभिन्न समाचार पत्रों और समाचार चैनलों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके श्री श्रीवास्तव ने कहा कि पहले की पत्रकारिता और वर्तमान पत्रकारिता में व्यापक परिवर्तन आया है।

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीक, डिजिटल मीडिया और तेज सूचना प्रसारण के दौर में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने पत्रकारों की योग्यता, प्रशिक्षण, आचार-संहिता और पेशेवर मानकों के निर्धारण पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित या प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। इसलिए तथ्यों की पुष्टि, निष्पक्षता, संतुलन और जनहित को पत्रकारिता के केंद्र में रखना आवश्यक है।

संगठन को मजबूत बनाने पर सामूहिक सहमति

बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पत्रकारों की समस्याओं और संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित सुझाव रखे। वक्ताओं ने पत्रकार हितों की रक्षा के लिए राज्यों और जिलों में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया।

पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को एकजुट होकर उठाने, जरूरत के समय पत्रकारों के साथ खड़े होने तथा पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पत्रकारों को अपने अधिकारों के साथ-साथ पेशेवर दायित्वों और आचार-संहिता के प्रति भी सजग रहना चाहिए। निष्पक्ष, तथ्यपरक, जिम्मेदार और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए संगठन की भूमिका को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई।

पत्रकार हितों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का संकल्प

बैठक के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही पत्रकारों की समस्याओं को उचित मंचों तक पहुंचाने, पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर लगातार संवाद बनाए रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर सहमति बनी।

वर्चुअल बैठक ने स्पष्ट किया कि बदलते मीडिया परिवेश में पत्रकारों की सुरक्षा और पेशेवर गरिमा के साथ-साथ पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को संगठित एवं प्रभावी तरीके से उठाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

पत्रकार सुरक्षा, आचार-संहिता और संगठन की मजबूती पर मंथन — जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल बैठक में उठे अहम मुद्दे पत्रकार सुरक्षा, आचार-संहिता और संगठन की मजबूती पर मंथन — जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल बैठक में उठे अहम मुद्दे Reviewed by PSA Live News on 2:46:00 pm Rating: 5

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