विद्यार्थियों ने करुणा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन-मूल्य बनाने का लिया संकल्प
मधुबनी। संदीप विश्वविद्यालय, मधुबनी में बुधवार को विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर मानवता, सेवा-भाव, करुणा, सहयोग, सहानुभूति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा प्रखंड स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करते हुए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराना था।
कार्यक्रम में विशेष अभिभाषण सहायक प्राध्यापक प्रो. सुजीत कुमार मिश्र ने दिया। उन्होंने कहा कि मानवता केवल किसी जरूरतमंद की आर्थिक अथवा भौतिक सहायता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति के दुख-दर्द को समझना, उसकी गरिमा और सम्मान की रक्षा करना तथा कठिन परिस्थितियों में उसके साथ खड़े रहना ही सच्ची मानवता है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाएं बड़े-बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में किए जाने वाले छोटे-छोटे संवेदनशील व्यवहारों से मजबूत होती हैं।
प्रो. मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद की सहायता करना, पीड़ित व्यक्ति को भावनात्मक संबल देना, बुजुर्गों एवं कमजोर वर्गों के प्रति सम्मान का भाव रखना, प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहना तथा समाज में समानता, शांति और भाईचारे के लिए प्रयास करना मानवता के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर डॉ. अंकित कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी और भौतिक विकास तेजी से हो रहा है, लेकिन इसके साथ मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज को ऐसे शिक्षित युवाओं की आवश्यकता है, जो ज्ञान और कौशल के साथ सेवा, सहानुभूति, करुणा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से भी संपन्न हों। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने व्यवहार और कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें।
डॉ. अभिषेक ठाकुर ने कहा कि मानवता किसी जाति, धर्म, वर्ग, भाषा अथवा क्षेत्र की सीमाओं में बंधी हुई भावना नहीं है। प्रत्येक मनुष्य के प्रति सम्मान, सहयोग, संवेदना और समान व्यवहार ही एक बेहतर, समावेशी एवं शांतिपूर्ण समाज की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक सरोकारों के प्रति सजग रहने तथा मानवीय मूल्यों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक ठाकुर, निदेशक, छात्र कल्याण (DSW) के नेतृत्व में किया गया। प्रो. सुजीत कुमार मिश्र, सहायक प्राध्यापक, श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन कार्यक्रम के सह-समन्वयक रहे, जबकि सुयश प्रत्यूष, MBA, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज ने छात्र समन्वयक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को “Together for Humanity, Together for a Better Tomorrow” का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज का बेहतर भविष्य केवल आर्थिक एवं तकनीकी प्रगति से संभव नहीं है, बल्कि उसके लिए मानवीय संवेदनाओं, आपसी सहयोग, सामाजिक न्याय और जिम्मेदार नागरिकता को भी मजबूत करना होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक का निर्माण करना भी है। विद्यार्थियों ने मानवता, सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा ली।
विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने संदीप विश्वविद्यालय परिसर में मानवीय मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशील नागरिकता को लेकर सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Reviewed by PSA Live News
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6:24:00 pm
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