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मधुबनी में तेज हुआ डिजिटल स्वास्थ्य अभियान, आभा आईडी से जुड़ेगा मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पर्चे और जांच रिपोर्ट साथ रखने की झंझट होगी कम


मधुबनी।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के क्रियान्वयन को तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रखंड स्तर तक विशेष अभियान चलाकर नागरिकों की आभा (ABHA) डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों, स्वास्थ्य संस्थानों और मरीजों के इलाज संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 26,61,093 आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान उपलब्ध कराना है, जिसके माध्यम से मरीज के इलाज से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड को सुरक्षित डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जा सके। इससे भविष्य में मरीजों को पुराने पर्चे, जांच रिपोर्ट और इलाज से संबंधित दस्तावेज बार-बार साथ लेकर चलने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

घर-घर पहुंचकर बनाए जा रहे आभा कार्ड

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि आभा आईडी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को एम-आशा ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों की आभा आईडी बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा स्वास्थ्य शिविरों में विशेष काउंटर लगाकर एएनएम, सीएचओ एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मौके पर ही आभा कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेज, जीविका एवं स्वयं सहायता समूहों की बैठक, आंगनबाड़ी केंद्र तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के दौरान भी लोगों को आभा से जोड़ने का अभियान चल रहा है। पीडीएस दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी आभा कार्ड निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों की भी बनेगी डिजिटल पहचान

आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी कुमार प्रियरंजन ने बताया कि ABDM के तहत केवल मरीजों की डिजिटल पहचान ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रोफेशनल्स और संस्थानों को भी डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल कर्मियों का डिजिटल पंजीकरण किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रोफेशनल्स की प्रमाणित डिजिटल पहचान तैयार होगी।

वहीं हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के माध्यम से सरकारी एवं निजी अस्पताल, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है।

ओपीडी से डिस्चार्ज तक दर्ज होगा इलाज का रिकॉर्ड

ABDM के तहत मरीजों की स्वास्थ्य यात्रा को भी डिजिटल बनाने पर विशेष जोर है। अस्पताल में पंजीकरण से लेकर डॉक्टर के परामर्श, नर्सिंग केयर, लैब जांच, दवा/फार्मेसी और डिस्चार्ज तक की जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज कर मरीज की आभा आईडी से लिंक करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार कर उसे ABDM-सक्षम सॉफ्टवेयर अथवा संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मरीज को भविष्य में इलाज के दौरान अपने पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक डिजिटल माध्यम से पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

नियमित समीक्षा से अभियान की होगी निगरानी

ABDM के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला एवं सिविल सर्जन स्तर पर साप्ताहिक और मासिक समीक्षा की जा रही है। प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को ABDM नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों द्वारा आभा निर्माण, HPR-HFR पंजीकरण और स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अस्पताल अथवा स्वास्थ्य शिविर में पहुंचने पर स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें, आभा आईडी बनवाएं और उसे अपने डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से लिंक कराएं। विभाग का मानना है कि डिजिटल स्वास्थ्य पहचान और रिकॉर्ड की सुविधा मजबूत होने से मरीजों को भविष्य में इलाज की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगी।

मधुबनी में तेज हुआ डिजिटल स्वास्थ्य अभियान, आभा आईडी से जुड़ेगा मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पर्चे और जांच रिपोर्ट साथ रखने की झंझट होगी कम मधुबनी में तेज हुआ डिजिटल स्वास्थ्य अभियान,  आभा आईडी से जुड़ेगा मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पर्चे और जांच रिपोर्ट साथ रखने की झंझट होगी कम Reviewed by PSA Live News on 8:20:00 pm Rating: 5

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