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शराबबंदी को 'जन आंदोलन' बनाने के लिए सर्वजन विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार झा का बड़ा मास्टरप्लान: PM मोदी और CM सम्राट चौधरी को सौंपा व्यावहारिक प्रस्ताव

"राशन, सरकारी नौकरी और चुनाव लड़ने की पात्रता खत्म": डिजिटल एंट्री और आधार ट्रैकिंग से लागू हो पूर्ण शराबबंदी


विशेष संवाददाता

नई दिल्ली / पटना: देशभर में शराबबंदी की मुहिम को केवल कागजी कानून न बनाकर एक वास्तविक 'जन आंदोलन' में बदलने के लिए सर्वजन विकास पार्टी के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार झा ने एक ऐतिहासिक और व्यावहारिक फॉर्मूला पेश किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस नीति को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का कड़ा सुझाव दिया है।

अशोक कुमार झा का स्पष्ट कहना है कि लाठी-डंडे, पुलिसिया सख्ती या आर्थिक दंड से कोई भी सामाजिक अभियान सफल नहीं हो सकता। जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'स्वच्छता अभियान' एक सरकारी योजना न रहकर देश के करोड़ों नागरिकों का अपना आंदोलन बन गया, ठीक उसी तर्ज पर शराबबंदी को भी जनता का अभियान बनाने के लिए इसमें प्रशासनिक 'एंटीबायोटिक' गोलियों की जरूरत है।

क्या है सर्वजन विकास पार्टी का 'डिजिटल आधार ट्रैकिंग' फॉर्मूला?

सर्वजन विकास पार्टी के अध्यक्ष द्वारा सुझाए गए इस नए मॉडल के तहत किसी भी व्यक्ति को जेल भेजने या फांसी देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि तकनीक के जरिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाएगी:

  1. शराब बिक्री पर 100% डिजिटल एंट्री अनिवार्य: देश या राज्य की किसी भी लाइसेंसी दुकान से शराब की एक भी बोतल बिना ऑनलाइन और डिजिटल एंट्री के नहीं बेची जा सकेगी।
  2. खरीदार का आधार नंबर ट्रैकिंग सिस्टम: शराब खरीदते ही काउंटर पर खरीदार का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जो सीधे केंद्रीय और राज्यस्तरीय डेटाबेस से जुड़ जाएगा। (चिकित्सकीय आवश्यकता की स्थिति में डॉक्टर की पर्ची अपलोड करने पर ही छूट मिलेगी, ताकि मरीज वंचित न हों)।
  3. सरकारी सुविधाओं से सीधा बहिष्कार: जैसे ही किसी व्यक्ति का आधार नंबर शराब खरीदारी के डेटाबेस में दर्ज होगा, यह प्रमाणित माना जाएगा कि वह व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम है। परिणामस्वरुप:
    • गरीबी रेखा (BPL) के लाभ बंद: राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और गरीबों के लिए चलाई जा रही सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं से उस व्यक्ति को तुरंत वंचित कर दिया जाएगा।
    • सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता: शराब का सेवन या खरीद करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की शासकीय सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।
    • चुनाव लड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध: वार्ड पंच से लेकर विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री या राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने की पात्रता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

"स्वयं पर अंकुश लगाएगी जनता, खुद-ब-खुद बनेगा जन आंदोलन"

अशोक कुमार झा का मानना है कि इस डिजिटल डेटाबेस व्यवस्था के लागू होते ही सामाजिक और आर्थिक दबाव के कारण लोग स्वयं शराब से दूरी बना लेंगे। जब लोगों को दिखेगा कि एक बोतल शराब उनके बच्चों के भविष्य, सरकारी नौकरी, कल्याणकारी राशन और राजनीतिक अधिकारों को छीन सकती है, तो कोई भी व्यक्ति शराब खरीदने का जोखिम नहीं उठाएगा।

"यह कानून किसी पर अत्याचार करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और अनुशासन लाने के लिए है। अगर देश की आम जनता सर्वजन विकास पार्टी पर भरोसा जताती है और सत्ता की बागडोर सौंपती है, तो पूरे देश में सबसे पहला कानून यही लागू किया जाएगा।"अशोक कुमार झा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्वजन विकास पार्टी

देश के शीर्ष नेतृत्व से त्वरित निर्णय की अपील

सर्वजन विकास पार्टी ने आशा व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित देश के सभी दूरदर्शी नेता इस दूरगामी सुझाव पर गंभीरता से अमल करेंगे। यदि इस व्यवस्था को धरातल पर उतारा गया, तो शराबबंदी केवल एक दिखावा बनकर नहीं रहेगी, बल्कि एक ऐसा आत्मनिर्भर जन आंदोलन बन जाएगी जिसे चाहकर भी कोई माफिया या भ्रष्ट तंत्र निष्प्रभावी नहीं कर पाएगा।

शराबबंदी को 'जन आंदोलन' बनाने के लिए सर्वजन विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार झा का बड़ा मास्टरप्लान: PM मोदी और CM सम्राट चौधरी को सौंपा व्यावहारिक प्रस्ताव शराबबंदी को 'जन आंदोलन' बनाने के लिए सर्वजन विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार झा का बड़ा मास्टरप्लान: PM मोदी और CM सम्राट चौधरी को सौंपा व्यावहारिक प्रस्ताव Reviewed by PSA Live News on 10:50:00 pm Rating: 5

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