बरियातू जमीन घोटाले के आरोपी पूर्व डीसी छवि रंजन की निलंबन अवधि समाप्त — 14 अक्टूबर से प्रभावी, सेवा बहाली पर राज्य सरकार कर रही विचार
रांची, 12 नवम्बर 2025। झारखंड सरकार ने रांची के पूर्व उपायुक्त (डीसी) आईएएस अधिकारी छवि रंजन के निलंबन को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश 14 अक्टूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस निर्णय के साथ ही अब उनकी सेवा बहाली की प्रक्रिया पर विचार शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, छवि रंजन ने कुछ सप्ताह पहले राज्य सरकार को निलंबन समाप्त करने के लिए औपचारिक आवेदन दिया था। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस आवेदन पर विचार करते हुए उन्हें राहत दी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने संबंधित विभागों से उनकी सेवा फाइल और लंबित मामलों का ब्यौरा भी तलब किया है, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग पर निर्णय लिया जाएगा।
बरियातू सेना भूमि घोटाले में हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि छवि रंजन को रांची के बरियातू इलाके में सेना की कब्जे वाली भूमि की खरीद-बिक्री से जुड़े कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस जमीन को लेकर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने व्यापक जांच की थी, जिसमें कई दस्तावेज, फर्जी रजिस्ट्री और अवैध लेन-देन के प्रमाण सामने आए थे।
ईडी की कार्रवाई के बाद छवि रंजन को आईएएस (All India Services) नियमावली के तहत निलंबित कर दिया गया था। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर विवादित भूमि की खरीद-बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
29 माह बाद जेल से बाहर निकले
करीब 29 महीने जेल में रहने के बाद, छवि रंजन को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। अदालत ने उनके मामले में लंबी अवधि की न्यायिक हिरासत और जांच की प्रगति को देखते हुए यह राहत दी।
इसके बाद उन्होंने ईडी की विशेष अदालत में पेश होकर एक-एक लाख रुपये के दो जमानतदारों के साथ मुचलका दाखिल किया, जिसके बाद उन्हें रिहाई मिली।
जमानत के बाद उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर निलंबन समाप्त करने और सेवा में पुनः बहाली की मांग की थी। उनका तर्क था कि अब वे न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं और लंबित मामलों में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
राज्य सरकार का निर्णय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
राज्य सरकार द्वारा उनके निलंबन समाप्त करने का आदेश प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय विधिक प्रक्रिया के अनुरूप है, क्योंकि कोई भी अधिकारी अनिश्चितकाल तक निलंबन में नहीं रह सकता। हालांकि, सेवा बहाली से पहले विभागीय जांच की स्थिति और ईडी की चार्जशीट पर विचार किया जाएगा।
कार्मिक विभाग के सूत्रों के अनुसार, छवि रंजन के खिलाफ अभी भी कुछ विभागीय अनुशासनात्मक जांच लंबित है। ऐसे में, बहाली से पूर्व इन बिंदुओं पर विचार कर शासन अंतिम निर्णय लेगा।
बरियातू भूमि मामला : झारखंड की सबसे चर्चित फाइलों में से एक
बरियातू सेना भूमि घोटाला झारखंड के हालिया वर्षों का सबसे चर्चित भूमि प्रकरण रहा है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सेना की कब्जे वाली जमीन की रजिस्ट्री निजी व्यक्तियों के नाम पर की गई थी।
ईडी और सीबीआई की संयुक्त कार्रवाई में कई सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और रियल एस्टेट कारोबारियों की संलिप्तता सामने आई थी। इसी कड़ी में तत्कालीन डीसी छवि रंजन को भी आरोपी बनाया गया था।
ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर इस प्रकरण में फर्जी कागजातों के आधार पर करोड़ों रुपये के लेन-देन किए गए थे। मामले में अब भी जांच जारी है और कुछ संपत्तियों को ईडी ने अटैच भी किया है।
राज्य सरकार की ओर से संभावित अगला कदम
निलंबन समाप्त होने के बावजूद छवि रंजन को तत्काल सेवा में नहीं लौटाया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार पहले यह सुनिश्चित करेगी कि लंबित जांचों में उनकी भूमिका स्पष्ट हो जाए।
यदि विभागीय जांच में कोई गंभीर आरोप सिद्ध नहीं होता, तो उन्हें पदस्थापना (पोस्टिंग) दी जा सकती है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि उन्हें किस विभाग या जिले में भेजा जाएगा।
एक चर्चित अधिकारी से विवादित नाम तक
छवि रंजन झारखंड कैडर के एक ऊर्जावान और चर्चित आईएएस अधिकारी माने जाते रहे हैं। उन्होंने रांची, दुमका, देवघर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है।
अपने कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में वे साफ-सुथरी छवि और सख्त प्रशासनिक रुख के लिए पहचाने जाते थे, लेकिन बरियातू भूमि घोटाले में नाम आने के बाद उनकी छवि पर प्रश्नचिह्न लग गया।
प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि अब उनकी सेवा बहाली के बाद आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि छवि रंजन एक बार फिर सक्रिय प्रशासनिक भूमिका में लौटते हैं या नहीं।
Reviewed by PSA Live News
on
9:32:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: