फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 1200 रुपए प्रति एकड़ सहायता राशि का प्रावधान
हरियाणा/ हिसार (राजेश सलूजा) । चरखी दादरी उपायुक्त डॉ मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला में 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल की कटाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष न जलाने का आह्वान किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि किसान धान फसल के अवशेषों का उचित प्रबंध कर सरकार की योजना का लाभ उठाये। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों के विरुद्ध तीन तरह की कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने बताया कि जिला में धान की कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। जिला में 50 प्रतिशत से अधिक धान की कटाई का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा है कि किसान धान फसल की कटाई के उपरान्त अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। फसल अवशेषों को आग लगाने से भूमि के स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है व आम जन को भी सांस संबधित गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं। फसल अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति खत्म होती है तथा भूमि में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं।
उपायुक्त डॉ मुनीश नागपाल ने बताया कि सरकार की हिदायतों के अनुसार यदि कोई किसान फसल अवशेषों में आग लगाता हैं तो उस पर तीन तरह की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज करवाना, 5 हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना व मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रेड एन्ट्री करने का प्रावधान हैं। यदि कोई किसान 2 एकड़ भूमि आग लगाता है, तो उस पर 5 हजार रुपये, 2 से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक 30 हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है, जिस किसान की मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड़ एन्ट्री कर दी जाती है वे किसान अगले 2 सीजन तक अपनी फसल मंडी में एम एस पी पर नहीं बेच पाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा फसल अवशेषों की निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी टीमें गठित की गई है, जो 24 घंटे निगरानी कर रही है। इसके अलावा हरसैक के माध्यम से भी दिन-रात निगरानी की जा रही है। जिला में कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को हिदायतों दी गई है कि वे कंबाइन हार्वेस्टर पर बिना एसएमएस लगाये धान की कटाई न करें। यदि कोई कंबाइन हार्वेस्टर बिना एसएमएस लगाये धान की कटाई करती पायी गई तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी सदस्यों को सीआरएम ऐप के बारे विस्तृत जानकारी दी गई।
धान की फसल की कटाई के उपरांत पराली में आग न लगाकर पराली को खेत में मिलाएगा या उसे चारे के रूप में प्रयोग करेगा या बेल बनाएगा तो हरियाणा सरकार द्वारा उस किसान को 1200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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10:59:00 pm
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