रांची। दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में 29 दिसम्बर सोमवार को प्रातः 8:00 बजे से चार दिवसीय सहास्त्रार्चन का शुभारम्भ हुआ । श्रीधाम वृंदावन सै पधारें जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के हाथों संकल्प कराकर पूजन शुरू हुआ । पुनः महाराज श्री के सहयोगी श्रीगोविन्ददास जी और मंदिर संचालक समिति की कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नरसरिया सपत्निक श्रीमती शारदा नरसरिया और सहभागी अन्य सभी यजमानों से भी नाम -गोत्र से संयुक्त मंत्रोंचारण पूर्वक संकल्प हुआ । इसके बाद दिनभर चारों पाली में सहस्त्रनाम मंत्रों की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंजता रहा । यह सहास्त्रार्चन (लक्षा अर्चना) 01 जनवरी गुरूवार तक चलेगा । इस महान् अनुष्ठान में भारी संख्या में भक्तों की भीड़ हो रही है , लोग सहस्त्रार्चन में यजमान बन सहभागिता निभा रहे हैं ।
जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने बताया -- मान्यता है कि वैकुंठ एकादशी के दिन " वैकुंठ द्वार " से प्रवेश करके जो भक्त भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के दर्शन करते हैं उनकी सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है और उसके जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि सहज ही आ जाती है। रांची के दिव्यदेश श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में " वैकुंठ द्वार " सजकर तैयार है। वैकुंठ एकादशी के दिन भक्त मंदिर आकर बैकुंठ द्वार से प्रवेश करें और भगवान के दर्शन करें तो उन्हें अभीष्ट मनोरथों की प्राप्ति स्वतः ही हो जाते हैं । अर्चना प्रिय भगवान की सहस्त्रनाम अर्चना कर के अक्षय पुण्य प्राप्त करें। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर के सारे कार्यक्रम श्रीधाम वृंदावन से पधारे श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में हो रहे हैं।
दिन भर के अनुष्ठान को मंदिर के अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम गोपश आचार्य श्री नारायण दास और वृंदावन से आए कृष्णानंद रामानुजदास ने विधिवत संपन्न कराया।
यह सब बने यजमान : विनय गुप्ता मुकेश गुप्ता पूर्णिमा सिंह सुजीत कुमार मुकुंती देवी कन्हैया मिश्र राजकुमार मित्तल प्रेम सिंह मुस्कान कुमारी दीपू श्रीवास्तव इत्यादि।
Reviewed by PSA Live News
on
5:07:00 pm
Rating:


कोई टिप्पणी नहीं: