भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान का साक्षी बना राँची : जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज का श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में दिव्य आगमन
राँची। प्रदेश के इकलौते दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर, राँची में इन दिनों धनुर्मास के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। धनुर्मास–श्रीगोदा रंगनाथ व्रत के मध्य आयोजित श्रीवैकुण्ठोत्सव एवं विष्णु सहस्त्रनाम अर्चना अनुष्ठान में भाग लेने के लिए जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज अपने सहयोगी श्रीगोविन्ददास जी एवं अन्य परिकरों के साथ राँची पहुँच चुके हैं। श्रीस्वामी जी छह दिवसीय प्रवास पर राँची आए हैं, जिससे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक उत्साह चरम पर है।
उल्लेखनीय है कि धनुर्मास 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक चलने वाला एक माह का विशेष व्रत है। मान्यता है कि श्रीगोदांबा देवी ने भगवान वटपत्रशायी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए इस व्रत का अनुष्ठान किया था। इसी परंपरा का पालन करते हुए श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में प्रतिदिन प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से अत्यंत नेम-निष्ठा के साथ विशेष सेवा-पूजा संपन्न कराई जा रही है।
वैकुण्ठ एकादशी के पावन उपलक्ष्य पर मंदिर में चार दिवसीय विष्णु सहस्त्रनाम अर्चना अनुष्ठान का आयोजन 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक किया गया है। यह संपूर्ण अनुष्ठान जगद्गुरु श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
मंदिर परिसर में श्रीस्वामी जी के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। आम्र पल्लव और नारियल से संयुक्त कलश स्पर्श कर, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माल्यार्पण के साथ गुरुदेव का अभिनंदन हुआ। आरती, शठारी एवं तीर्थ प्रसाद अर्पित कर मंगलाशासन किया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।
धनुर्मास के बारहवें दिन भगवान का उद्यास्तमन सेवा सहित महाभिषेक संपन्न हुआ। भगवान को भव्य श्रृंगार निवेदित कर ‘कन्नैतिल्लम्’ नामक विशेष पोशाक धारण कराई गई। कन्नैतिल्लम् तमिल शब्द है, जिसका अर्थ गौ के बछड़े की मधुर आवाज से जुड़ा है। भगवान की नक्षत्र, कुंभ एवं कपूर से आरती की गई। वेद, उपनिषद, दिव्य प्रबंधों एवं स्तोत्रों के मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर 911वां खिचड़ी महाप्रसाद भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें 1456 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। खिचड़ी महाप्रसाद का निवेदन रांची निवासी श्री अजीत जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बबीता कुमारी द्वारा किया गया, जबकि आज के उद्यास्तमन सेवा सहित महाभिषेक के यजमान पटना (बिहार) निवासी सुश्री निधि कुमारी रहीं।
सम्पूर्ण अनुष्ठान को अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी ने विधिवत रूप से संपन्न कराया। कार्यक्रम में राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, रंजन सिंह, सुशील गाड़ोदिया, ओमप्रकाश गाड़ोदिया, शम्भुनाथ पोद्दार सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।
श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में चल रहे इन दिव्य अनुष्ठानों ने न केवल राँची बल्कि पूरे झारखंड में आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है।
Reviewed by PSA Live News
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5:42:00 pm
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