नगर निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की अधिसूचना जारी, कुल 48 शहरी निकायों में मतदान की तैयारी तेज
रांची। झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने महापौर तथा नगर परिषद/नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के साथ ही राज्य में शहरी निकाय चुनाव का औपचारिक शंखनाद हो गया है और राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार रांची नगर निगम की महापौर सीट इस बार अनुसूचित जनजाति (अन्य) के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि धनबाद नगर निगम की महापौर सीट अनारक्षित (अन्य वर्ग) के लिए निर्धारित की गई है। पलामू (मेदिनीनगर) नगर निगम की महापौर सीट अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है।
अन्य नगर निगमों के आरक्षण इस प्रकार हैं—
हजारीबाग नगर निगम : अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (अन्य)
गिरिडीह नगर निगम : अनुसूचित जाति (अन्य)
देवघर नगर निगम : अनारक्षित (अन्य)
बोकारो/चास नगर निगम : अनारक्षित (अन्य)
आदित्यपुर नगर निगम (सरायकेला-खरसावां) : अनुसूचित जनजाति (अन्य)
मानगो नगर निगम (पूर्वी सिंहभूम) : अनारक्षित महिला
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि नगर निगमों के साथ-साथ नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की सूची भी जारी कर दी गई है। वार्डों के आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद अब शीर्ष पदों के आरक्षण की औपचारिक अधिसूचना जारी की गई है।
कहाँ–कहाँ होंगे चुनाव
इस बार राज्य के कुल 48 शहरी निकायों में चुनाव कराए जाएंगे। इनमें—
नगर निगम
रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर (पलामू), धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर, मानगो
नगर परिषद
गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी-तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो, मिहिजाम
नगर पंचायत
बंशीधरनगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला, चाकुलिया
कई निकायों में वर्षों से टल रहे थे चुनाव
राज्य में 13 शहरी निकायों में 2020 से, जबकि शेष निकायों में 2022 से चुनाव लंबित थे। कानूनी प्रक्रिया, परिसीमन और आरक्षण निर्धारण के कारण चुनाव लगातार टलते रहे। अब आरक्षण सूची जारी होने के बाद मतदान की औपचारिक अधिसूचना और आचार संहिता लागू होने की संभावनाएँ बढ़ गई हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
आरक्षण सूची जारी होते ही विभिन्न दलों में टिकट बंटवारे, संभावित उम्मीदवारों और समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा महिला आरक्षण के कारण कई सीटों पर नए चेहरे उभरने की पूरी संभावना है। राजनीतिक दलों के साथ स्वतंत्र उम्मीदवार भी सक्रिय हो चुके हैं।
मतदाताओं के लिए क्या बदलेगा
स्थानीय स्तर पर विकास योजनाएँ तेजी पकड़ सकती हैं
लंबे समय से कार्यकारी व्यवस्था समाप्त होगी
नगर निगमों और नगर परिषदों में निर्वाचित नेतृत्व स्थापित होगा
प्रमुख शहरों में शहरी बुनियादी ढांचे, सफाई, जलापूर्ति और यातायात प्रबंधन पर नए रोडमैप की उम्मीद बनेगी
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम शीघ्र घोषित किया जाएगा और संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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11:10:00 am
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