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ग्रेगोरियन कैलेंडर और मैकाले शिक्षा पद्धति के विरोध में अखंड भारत संस्था का सांस्कृतिक जागरण अभियान

फिरायालाल चौक, रांची में हवन–पूजन व रैली, 1 जनवरी को ‘भारतीय संस्कृति रक्षा दिवस’ के रूप में मनाया गया


रांची। 
अखंड भारत संस्था के तत्वावधान में बुधवार, 1 जनवरी 2026 को राजधानी रांची के फिरायालाल चौक पर ग्रेगोरियन कैलेंडर एवं मैकाले शिक्षा पद्धति के विरोध में एक व्यापक सांस्कृतिक जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले करोड़ों पूर्वजों की आत्मशांति के लिए हवन एवं पूजन किया गया, जिसके उपरांत जन-जागरूकता हेतु रैली भी निकाली गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व अखंड भारत संस्था के संस्थापक एवं केंद्रीय अध्यक्ष श्री ब्रजेश सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को विदेशी मानसिकता से बाहर निकलकर अपनी सनातन परंपरा, संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप जीवन पद्धति अपनानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश को ग्रेगोरियन कैलेंडर के स्थान पर भारतीय पंचांग आधारित कैलेंडर अपनाना चाहिए, जिससे भारतीय परंपराओं और समयबोध को सुदृढ़ किया जा सके।

मैकाले शिक्षा पद्धति पर तीखा प्रहार

श्री सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मैकाले शिक्षा पद्धति को अविलंब समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि यह प्रणाली बच्चों को अपनी जड़ों से काटती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में ऐसी भारतीय संस्कृति एवं संस्कार-युक्त शिक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए, जिससे भावी पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और सांस्कृतिक चेतना का विकास हो और हिंदुस्तान सांस्कृतिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके।

1 जनवरी: ‘भारतीय संस्कृति रक्षा दिवस’

अखंड भारत संस्था के अनुसार, 1 जनवरी वह दिन है जिसे वे ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक आक्रमण की शुरुआत के प्रतीक के रूप में देखते हैं। इसी कारण संस्था हर वर्ष इस दिन को ‘भारतीय संस्कृति रक्षा दिवस’ के रूप में मनाती है। संस्था का आह्वान है कि इस दिन हिंदूवादी, राष्ट्रवादी, जनवादी संगठन, पत्रकार और बुद्धिजीवी एकजुट होकर सांस्कृतिक चेतना के लिए कार्यक्रम आयोजित करें और अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार संस्कृति रक्षा का संकल्प लें।

दस वर्ष पूरे, नौ वर्षों से निरंतर आयोजन

इस वर्ष संस्था के इस अभियान को दस वर्ष पूर्ण हुए। श्री ब्रजेश सिंह के नेतृत्व में यह कार्यक्रम पिछले नौ वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। अखंड भारत संस्था झारखंड सहित बिहार में भी सक्रिय रूप से सनातन समाज को जागरूक करने, धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार और लोगों को संगठन से जोड़ने का कार्य कर रही है।

विभिन्न संगठनों का समर्थन

कार्यक्रम को सफल बनाने में सनातन एकता मंच, झारखंड के केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी एवं उनकी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने भी सांस्कृतिक स्वाभिमान और भारतीय मूल्यों की रक्षा के लिए अखंड भारत संस्था के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में विकास सिंह, अरुण कुमार साहू, भीम शर्मा, राकेश कुमार, मनोरंजन सिंह, सूरज पाण्डेय (बाबा), प्रभाकर कुमार, मंजीत सिंह, के. डी. शरद, सनी जी, राजू सिंह, अभय राज, कार्तिक राम, उपेंद्र प्रसाद, अमित कुमार, आयुष, आदित्य, शिव यादव, अजीत कुमार पाठक, हरे कृष्ण पाण्डेय, वासुकीनाथ पाठक, चंद्र किशोर साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संस्कृति की रक्षा और राष्ट्र सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

ग्रेगोरियन कैलेंडर और मैकाले शिक्षा पद्धति के विरोध में अखंड भारत संस्था का सांस्कृतिक जागरण अभियान ग्रेगोरियन कैलेंडर और मैकाले शिक्षा पद्धति के विरोध में अखंड भारत संस्था का सांस्कृतिक जागरण अभियान Reviewed by PSA Live News on 11:35:00 am Rating: 5

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