खूंटी। आदिवासी परंपरा और स्वशासन व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रतीक पड़हा राजा सोमा मुंडा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और पहचान पर गंभीर हमला मानी जा रही है। इसी घटना के विरोध में और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 जनवरी 2026 को खूंटी जिला शांतिपूर्ण बंद का आह्वान किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पड़हा राजा की हत्या ने “परंपरागत स्वशासन तंत्र” पर सवाल खड़ा कर दिया है। कई ग्रामीणों ने इस घटना को आदिवासी समाज की अस्मिता को सीधी चुनौती बताते हुए कहा कि अब केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि न्याय की आवश्यकता है।
बंद का असर और तैयारी
आह्वान के अनुसार खूंटी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बंद की व्यापक अपील की गई है। पड़हा बाजार जलंगा, गोविंदपुर सहित कई स्थानीय बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जलंगा बाजार समिति के सदस्यों ने भी शांतिपूर्ण बंद के समर्थन की जानकारी दी और सुबह बाजार टांड़ पर एकत्र होने की बात कही गई।
आह्वानकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और स्वैच्छिक होगा। किसी भी तरह की हिंसा, जबरदस्ती, तोड़फोड़ या सड़क जाम का समर्थन नहीं किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अपनी एकजुटता और भावनाओं को शांतिपूर्वक व्यक्त करें।
मुख्य मांगें
जनप्रतिनिधियों, समाज के बुद्धिजीवियों और युवा संगठनों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी
प्रकरण की उच्चस्तरीय / एसआईटी से जांच
पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं उचित मुआवजा
परिवार के आश्रितों के लिए पुनर्वास एवं सरकारी सहायता
प्रशासन पर सवाल
घटना के कई दिनों बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी न होना लोगों के रोष का प्रमुख कारण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रशासनिक विफलता का संकेत है और यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वास बहाली कठिन हो जाएगी। हालांकि प्रशासन की ओर से जांच जारी रहने और दोषियों को पकड़ने के दावे किए जा रहे हैं।
जनभावना स्पष्ट—“अब श्रद्धांजलि नहीं, न्याय चाहिए”
ग्रामीण इलाकों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोग इसे आदिवासी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक नेतृत्व पर सीधा हमला मान रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने साफ कहा है—
👉 अब केवल श्रद्धांजलि नहीं, न्याय चाहिए
👉 आदिवासी अस्मिता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
सभी वर्गों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील भी की गई है।
Reviewed by PSA Live News
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12:39:00 pm
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