यूजी एडमिशन में बड़ा बदलाव : बॉटनी-जूलॉजी की जगह अब 'लाइफ साइंस', 43,530 सीटों पर शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया
यूजी नामांकन को लेकर रांची विश्वविद्यालय ने इस वर्ष बड़ा बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को बॉटनी और जूलॉजी जैसे पारंपरिक विषय अलग-अलग नहीं मिलेंगे, बल्कि उन्हें "लाइफ साइंस" के अंतर्गत पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत किए गए इस बदलाव के साथ ही रांची विश्वविद्यालय के 24 अंगीभूत कॉलेजों में स्नातक सत्र 2026-30 तथा वोकेशनल पाठ्यक्रम सत्र 2026-29 में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुल 43,530 सीटों पर दाखिले के लिए छात्र-छात्राएं 12 जून से 29 जून तक चांसलर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
रांची। विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय (आरयू) ने स्नातक नामांकन प्रक्रिया में इस वर्ष एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बॉटनी और जूलॉजी विषयों को अलग-अलग ऑनर्स विषय के रूप में समाप्त कर उन्हें "लाइफ साइंस" के अंतर्गत शामिल कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप किए गए इस बदलाव के कारण अब विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को आवेदन करते समय बॉटनी या जूलॉजी के बजाय लाइफ साइंस का चयन करना होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने अधीन संचालित 24 अंगीभूत कॉलेजों की कुल 43 हजार 530 सीटों पर नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्नातक सत्र 2026-30 और वोकेशनल पाठ्यक्रम सत्र 2026-29 में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी 12 जून से 29 जून तक चांसलर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह बदलाव केवल अंगीभूत कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेगा। रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध एवं अल्पसंख्यक कॉलेजों में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। इन कॉलेजों में पहले से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बॉटनी और जूलॉजी विषय का चयन कर आवेदन किया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन को इन आवेदनों को नई व्यवस्था के अनुरूप समायोजित करना होगा।
सबसे अधिक सीटें मारवाड़ी कॉलेज में
24 अंगीभूत कॉलेजों में मारवाड़ी कॉलेज सबसे आगे है, जहां 3,700 सीटें उपलब्ध हैं। इसके बाद केओ कॉलेज, गुमला में 3,240 सीटें, रांची वीमेंस कॉलेज में 3,210 सीटें और एसएसएम कॉलेज में 3,100 सीटों पर नामांकन होगा। डोरंडा कॉलेज में 2,440, आरएलएसवाई कॉलेज में 2,640, बिरसा कॉलेज खूंटी में 2,640 तथा पीपीके कॉलेज बुंडू में 2,580 सीटें निर्धारित की गई हैं।
वहीं, नए डिग्री कॉलेजों और महिला कॉलेजों में 720 से 900 सीटों तक की व्यवस्था की गई है, ताकि दूरदराज के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।
पीजी छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण सूचना
रांची विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर (पीजी) सत्र 2025-27 के लिए भी नामांकन कार्यक्रम घोषित कर दिया है। प्रथम चयन सूची 13 जून को जारी की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन एवं नामांकन 15 जून से 23 जून तक होगा। दूसरी चयन सूची 25 जून को प्रकाशित की जाएगी।
संत जेवियर्स कॉलेज में आवेदन का अंतिम अवसर
संत जेवियर्स कॉलेज, रांची में चार वर्षीय रेगुलर एवं तीन वर्षीय वोकेशनल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 13 जून निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी चांसलर पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार 16 जून से विभिन्न विषयों की प्रवेश परीक्षाएं शुरू होंगी। इनमें कॉमर्स, बीसीए, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन, अंग्रेजी, भौतिकी, बायोटेक्नोलॉजी, रसायनशास्त्र, भूगोल, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस तथा अन्य विषय शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरी कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
छात्रों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यार्थी आवेदन भरने से पहले विषयों की नई संरचना को अच्छी तरह समझ लें। खासकर विज्ञान संकाय के छात्र यह ध्यान रखें कि अब बॉटनी और जूलॉजी के स्थान पर लाइफ साइंस का विकल्प चुनना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लेना बेहतर होगा, ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।
रांची विश्वविद्यालय का यह कदम नई शिक्षा नीति के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में नए विषय ढांचे को लेकर कई सवाल भी हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह समय-समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर छात्रों की शंकाओं का समाधान करे।
Reviewed by PSA Live News
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6:18:00 pm
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