देशभर में अव्वल बना राहे का बालिका आवासीय विद्यालय: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया सम्मान, कहा— "ग्रामीण बेटियों का यह आत्मविश्वास नए हिंदुस्तान की पहचान"
राहे (रांची)। झारखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया, जब केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने रांची जिले के राहे स्थित बालिका आवासीय विद्यालय का भ्रमण किया। यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि के कारण आज पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय ने शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की एसएचवीआर (SHVR) रैंकिंग 2025-26 में 99.20 की रिकॉर्ड रेटिंग प्राप्त करते हुए पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
यह उपलब्धि केवल एक विद्यालय की सफलता नहीं, बल्कि झारखंड की ग्रामीण बेटियों के सपनों, संघर्षों और उनकी प्रतिभा की राष्ट्रीय स्तर पर हुई पहचान का प्रतीक बन गई है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों के बीच यहां की छात्राओं ने जिस प्रकार अनुशासन, परिश्रम और लगन के बल पर देशभर में अपनी पहचान बनाई है, वह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
विद्यालय पहुंचने पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ का विद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, भविष्य की योजनाओं और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सीखने की उत्सुकता की खुले दिल से सराहना की।
अपने संबोधन में श्री सेठ ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों की बौद्धिक क्षमता, अनुशासन और कुछ बड़ा करने का जज्बा वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज का हिंदुस्तान बेटियों के सपनों को पंख देने वाला हिंदुस्तान है और राहे का यह विद्यालय इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा,
"जब गांवों की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का परचम लहराती हैं, तब यह साबित होता है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, समर्पित शिक्षकों और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।"
केंद्रीय मंत्री ने विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि उसके पीछे शिक्षकों और प्रबंधन की निष्ठा, दूरदृष्टि और निरंतर प्रयास भी शामिल होते हैं।
इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे विद्यालय की वार्डन विमला कुमारी, शिक्षक प्रीतम कुमार महतो तथा संजय कुमार महतो सहित पूरी टीम के अथक परिश्रम, समर्पण और सामूहिक प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्षों की मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज यह विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर सका है।
विद्यालय परिवार ने इस अवसर को भावुक और गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। छात्राओं ने भी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन को देते हुए आगे भी राज्य और देश का नाम रोशन करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान रांची जिला पूर्वी के अध्यक्ष धीरज महतो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता झारखंड के शिक्षा जगत के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विद्यालय की उपलब्धियां राज्य के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
राहे का यह बालिका आवासीय विद्यालय आज यह संदेश दे रहा है कि यदि बेटियों को अवसर, विश्वास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिले तो वे किसी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। यह सफलता केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि उन अनगिनत सपनों की जीत है जो गांवों की गलियों से निकलकर देश के भविष्य को नई दिशा देने का साहस रखते हैं।
झारखंड की इन बेटियों ने साबित कर दिया है कि सपनों की उड़ान के लिए आसमान नहीं, बल्कि हौसलों की ऊंचाई मायने रखती है।
Reviewed by PSA Live News
on
7:36:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: