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माँ दिउड़ी के दरबार में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टेका मत्था, राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ प्राचीन शक्तिपीठ पहुंचे मुख्यमंत्री, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की पूजा-अर्चना


रांची/तमाड़, 13 जून।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शनिवार को अपनी धर्मपत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ तमाड़ स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन शक्तिपीठ माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे। सोलहभुजी माँ दिउड़ी के दरबार में मुख्यमंत्री दंपति ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य के सभी नागरिकों की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और निरंतर उन्नति की कामना की।

मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी का मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री दंपति ने माँ के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना का अनुष्ठान धार्मिक पुरोहित मनोज पंडा तथा मुख्य पाहन सुखराम जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक आदिवासी धार्मिक विधियों के साथ संपन्न कराया गया। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए। लोगों में मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर उत्साह का माहौल दिखाई दिया। कई लोगों ने उनका अभिवादन किया और उनसे मुलाकात कर अपनी भावनाएं भी साझा कीं।

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत ही राज्य की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि माँ दिउड़ी मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है, बल्कि यह झारखंड की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "माँ दिउड़ी के चरणों में उपस्थित होकर मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। मैंने माँ से झारखंड के सभी नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और बेहतर भविष्य की प्रार्थना की है। राज्य निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े और हर परिवार खुशहाल हो, यही हमारी कामना है।"

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आस्था केंद्र न केवल लोगों की धार्मिक भावनाओं को सशक्त करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

उल्लेखनीय है कि तमाड़ स्थित माँ दिउड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। सोलहभुजी माँ की यह प्राचीन पीठ दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि माँ के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। यही कारण है कि वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का यह धार्मिक दौरा एक ओर जहां उनकी व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक बना, वहीं राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश भी देता नजर आया। माँ दिउड़ी के दरबार से निकली सुख, समृद्धि और विकास की कामना अब पूरे झारखंड के जनमानस की साझा प्रार्थना बन गई है।

माँ दिउड़ी के दरबार में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टेका मत्था, राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की माँ दिउड़ी के दरबार में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टेका मत्था, राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की Reviewed by PSA Live News on 7:40:00 pm Rating: 5

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