पंचायती राज योजनाओं की प्रगति पर जिलाधिकारी सख्त, पंचायत सरकार भवनों को पूर्णतः क्रियाशील बनाने का निर्देश
सोलर स्ट्रीट लाइट, आधार सेवा केंद्र और ई-ग्राम कचहरी की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश; कहा– जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे आम जनता तक
मधुबनी, 12 जून 2026। जिले में पंचायती राज संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गुरुवार देर शाम वर्चुअल माध्यम से जिले के सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। बैठक में पंचायत सरकार भवनों की कार्यशीलता, आधार सेवा केंद्रों की स्थापना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, ई-ग्राम कचहरी, छठे वित्त आयोग की राशि के उपयोग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंचायत स्तर पर संचालित योजनाएं सरकार और आम जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
पंचायत सरकार भवनों को बनाया जाए जनसेवा का प्रभावी केंद्र
समीक्षा के दौरान पंचायत सरकार भवनों की वर्तमान स्थिति, उनमें उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न पंचायतों में लंबित समस्याओं पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों को केवल प्रशासनिक भवन के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता के लिए बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवनों में पेयजल, शौचालय, बिजली, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल सेवाएं तथा नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार प्रखंड कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
जहां भूमि विवाद अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से पंचायत सरकार भवनों का निर्माण या संचालन प्रभावित है, वहां संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया गया।
हर पंचायत में आधार सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में पंचायत सरकार भवनों में आधार नामांकन एवं आधार अद्यतन केंद्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधार से संबंधित कार्यों के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की अवधारणा को गांव-गांव तक पहुंचाने में आधार सेवा केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आधार से जुड़ी सेवाओं के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूर-दराज के ग्रामीणों को विशेष सुविधा मिलेगी तथा समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत होगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत किए गए कार्यों की चरणबद्ध समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना सुनिश्चित की जाए तथा भुगतान से संबंधित लंबित मामलों का समय पर निष्पादन किया जाए।
उन्होंने गुणवत्ता मानकों के पालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। लगाए गए उपकरणों की नियमित जांच एवं रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था से न केवल लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। इससे गांवों का सामाजिक एवं आर्थिक वातावरण भी सकारात्मक रूप से प्रभावित होगा।
ई-ग्राम कचहरी के माध्यम से स्थानीय विवादों का त्वरित निपटारा करें
बैठक में ई-ग्राम कचहरी के अंतर्गत दर्ज एवं निष्पादित मामलों की प्रखंडवार समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर आने वाले छोटे-छोटे विवादों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा किया जाए, ताकि लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक रूप से उच्च स्तर के कार्यालयों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि ई-ग्राम कचहरी ग्रामीण न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी संचालन से स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान की संस्कृति विकसित होगी और न्यायिक संस्थाओं पर अनावश्यक बोझ भी कम होगा।
छठे वित्त आयोग की राशि का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें
बैठक में छठे वित्त आयोग मद के अंतर्गत उपलब्ध राशि के व्यय की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा उपलब्ध राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किया जाए।
उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों का समुचित उपयोग ग्रामीण विकास की गति को तेज करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए योजनाओं के चयन से लेकर उनके निष्पादन तक प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाए।
नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही से ही आएगा बदलाव : जिलाधिकारी
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में अपेक्षित सुधार तभी संभव है जब सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी समन्वय स्थापित कर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीण जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी सहित जिले के सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पंचायतों में विकास की गति तेज करने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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11:50:00 pm
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