हरियाणा हिसार( राजेश सलूजा) । गले में तुलसी धारण करने और माथे पर तिलक लगाने की कभी अधोगति नहीं होती।जिसके गले में तुलसी की माला होती है,भगवान उसे कभी अस्वीकार नहीं करते है। ऐसे लोग सदा भगवान के धाम को जाते हैं। तुलसी धारण करने वाले को स्नान करते वक्त हर रोज सारे तीरथ का फल मिलता है। यह अपने विचार साध्वी सपना उपाध्याय प्रेरणा दीदी ने सांझा किए और बताया कि शराबी और जुआरी भी यदि तुलसी धारण का संकल्प कर ले तो उन्हें भी भगवान स्वीकार कर लेते है। गुरु की महिमा का बखान करते हुए साध्वी सपना उपाध्याय ने कहा कि परंपरा का सिद्ध किया हुआ गुरु दीक्षा मंत्र यदि कानों में जाता है तो जन्म जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने पूतना के बारे में बताया कि वह 18 किलोमीटर लंबी काजल के पहाड़ जैसी थी। भगवान श्री कृष्णा उसके ऊपर नीलमणि से नजर आ रहे थे। उन्होंने बताया कि नंद बाबा के पास 9 लाख गाय थी,जिनका दूध का सेवन करने वाले कभी बूढ़े नहीं होते थे और सदा बलवान रहते थे। उन्होंने कहा कि गाय रहेगी तो प्रकृति भी हरी भरी रहेगी। पृथ्वी का आहार गोबर और गोमूत्र है। पृथ्वी को यदि आहार शुद्ध नहीं मिलेगा तो मनुष्य को कैसे शुद्ध मिलेगा। सिर्फ एक महीने तक घर में गाय रखने से सभी दोष नष्ट हो जाते हैं। गौ सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है। गाय का गोबर चर्म रोगों को दूर करता है। गौसेवा करके आप नारायण प्रसन्नता प्राप्त कर सकते है। गाय का दूध तो अमृत के समान है।
गले में तुलसी और माथे पर तिलक भगवान को अतिप्रिय : साध्वी सपना उपाध्याय
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